चलो चलो अब अवधपुरी को

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन राम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

चलो चलो अब अवधपुरी को

( तर्ज :- सारी दुनिया तुमको पूजे राधा जी के नाथ जी )

चलो चलो अब अवधपुरी को,

अवधपुरी के नाथ जी,

सारी अयोध्या तुम बिन सूनी,

चल दो मेरे साथ जी ।

नहीं चले तो राज अवध का,

तुम बिन कौन संभालेगा,

राजा यहाँ ओर प्रजा वहां है,

कौन प्रजा को पालेगा ।

सूख रहे हैं आंख के आंसू,

कर दो अब बरसात जी।।

सारी अयोध्या तुम........

मां की इच्छा, पिता वचन मैं,

पूरा करने आया हूं

वन में ही अब मेरा घर ,

मैं यहीं पे रहने आया हूं ।

राज मुझे तुम फिर दे देना,

चौदह बरस के बाद जी,

जाओ भरत तुम अवधपुरी को,

तुम्ही संभालो राज जी ।-3

सारी अयोध्या तुम........

चरण पादुका दे दो अपनी,

उनको ही ले जाऊंगा ,

एक दिन की भी देरी की तो ,

अपनी चिता जलाऊंगा,

चौदह बरस तो मैं भी रहूंगा ,

लेकर अब सन्यास जी

सारी अयोध्या तुम........ ।

चलो चलो अब अवधपुरी को अवधपुरी के नाथ जी,

सारी अयोध्या तुम बिन सूनी चल दो मेरे साथ जी।।

लिरिक्स :- प्रदीप गौर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।