रंग मैनूं राधा नाम दा चड़या

मीरा बाई
महादेव भजन कृष्ण भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

रंग मैनूं राधा नाम दा चड़या

रंग मैनूं राधा नाम दा चड़या, मैंनूं मस्ती छाई होई ए।।

नारद शारद शिव सनकादि।

राधा रंग रंगे ब्रह्रमादि।।

शेष शुक राधा नाम जप करया।

मैनूं मस्ती छाई.....

रास रस रसिया लीलाधारी।

राधा रंग रंगे गिरधारी।।

राधा रस मुरली विच भरया।

मैनूं मस्ती छाई.....

रंग विच रंगी मीरा बाई।

कीती गिरधर नाल मिताई।।

बन जोगन इकतारा फड़या।

मैनूं मस्ती छाई.....

नरसी नामा सूर कबीर।

नाम रंग रंगे संत फकीर।।

बहाया ‘‘मधुप’’ नाम दा दरया।

मैनूं मस्ती छाई..... ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।