बधाइयाँ बाज रहीं (तुलसी विवाह)

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बधाइयाँ बाज रहीं (तुलसी विवाह)

धुन :- मथे ते चमकन वाल अज मेरे बनड़े दे।

हो रहा मंगलाचार ,बधाइयां बाज रही।

बाज रही बधाइयां,बाज रही।

हो रहा मंगलाचा...

देवउठनी एकादशी आयी ,कार्तिक-शुकल सुकाल।

बधाइयां बाज रहीं...

बनी दुल्हनियां तुलसा रानी,दूल्हा हरी सरकार।

बधाइयां बाज रहीं...

देवी देव बने बाराती ,नाच रहा संसार।

बधाइयां बाज रहीं...

बाज रहे बाजे शहनाइयां,हो रही जय जयकार।

बधाइयां बाज रहीं...

घूंघट में वृंदा शरमावे,हरी को हर्ष अपार।

बधाइयां बाज रहीं...

कहै ‘‘मधुप’’ यह पावन गाथा,देती है फल चार।

बधाइयां बाज रहीं... ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।