माए नी माए गवाले चूठ बड़ा मारदे

सर्व मोहन (टीनू सिंह)
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

माए नी माए गवाले चूठ बड़ा मारदे।

छीके उत्ते चाढ़ के मैनु,तैनू वाजां मारदे।।-2

कच्ची नींदे उठ सवेरे,मैं मधुवन नूं जावां-2

सारा दिन मैं गऊआं चरावां,शाम पवे कर आवां ,

निक्की जेहि जिंद थक जावे,कंडे चूकां मारदे।

माए नी माए......

बलदाऊ तो छोटा टोठा,मैं बालक अनजाणा-2

चोरा चोरी मूल न आवे,ऊपर चड़न न जाणा ,

हो गया बदनाम मैं ऐवें,-2 लोक ने ताने मारदे।

माए नी माए......

लुट-लुट मक्ख़ण खाण ग्वाले,चोर बनावन मैनु-2

मुँह मेरे ते मलके मक्खण आण सिखावण तैनू ,

करदे वैर विरोध ग्वाले,उञ्ज मैनुं पुचकारदे।

माए नी माए......

तू माँ मेरी पोली पाली,चूठ मूठ सच मन्ने-2

आखे लगके ग्वाल बाल दे,पास्से मेरे पन्ने ,

पुत पराया जाण के मैनु-2, सारे चिड़कां मारदे।

माए नी माए......

ऐ लै कच्छ लंगोटी,मोर पँख ते सोठी-2

माँ ‘‘मधुप’’ नहीं ऐथे रैणा,नीयत तेरी खोटी ,

हाँ लै मोहन नूं गोद यशोदा-2,रो पयी पूबां मारदी।

हाँ हाँ कन्हैया ग्वाले चूठ बड़ा मारदे-2

माए नी माए......

जय गोविन्द गोविन्द गोपाला ,

जय मुरली मनोहर नन्द लाला। -3

बोलो बालकृष्ण लाल की जय।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।