माँ सरस्वती सर्व सिद्ध प्रार्थना

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

श्री सरस्वती वंदना

धुन :- तुम्हीं हो माता पिता तुम्ही हो

हंस-वाहिनी वीणा-पाणी।

जय सरस्वती ,जय शारदे माँ॥ -2

बुद्धि विद्या ज्ञान की दाता।

भक्ति शक्ति की वरदाता॥-2

तुम्ही हो दुर्गे आद भवानी।

जय सरस्वती.....

वीणा मेरी स्वर कर दीजै।

रसना में माँ रस भर दीजै॥-2

गुण तेरा गाउँ कल्याणी।

जय सरस्वती.....

माँ ‘‘मधुप’’ के न दोष विचारो।

मन मन्दिर में आन पधारो॥-2

शुद्ध करो ह्रदय और वाणी।

जय सरस्वती..... ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।