गोवंश बचावो गोरक्षा पर ध्यान धरो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन विविध भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

गोवंश

तर्ज- आवो बच्चों तुम्हें दिखायें झांकी हिन्दूस्तान की

देवों की यह परम धरोहर, गाय का सम्मान करो।

जैसे हो गोवंश बचावो, गोरक्षा पर ध्यान धरो।।

राम कृष्ण गोवंश बचाने, को किया गोचारण था।

ऋषियों मुनियों राजाओं ने, किया खुद गोपालन था।।

तुमभी हो संतान उन्हीं की, गोमाता गुणगान करो।

जैसे हो गोवंश.....

पशुशक्ति गोमूत्र गोबर, दूध अमोल पदार्थ है।

आर्थिक अरू सामाजिक उन्नति, गोधन पे आधारित है।।

छोड़के राजनिति को, शास्त्रनीति का संधान करो।

जैसे हो गोवंश.....

धर्म कर्म का चिन्ह ये भारत, गोमाता के कारण था।

सोने की चिड़िया कहलाता, गोवंश के कारण था।।

गोधन जैसे परमधन का, यूंहीं न नुकसान करो।

जैसे हो गोवंश.....

मानववध समान गोहत्या, गोहत्या को बन्द करो।

गोसेवा कर घर घर ‘‘मधुप’’ ,जीवन भर आनंद करो।।

गोरक्षा की शपथ उठावो, जीवन को कुर्बान करो।

जैसे हो गोवंश..... ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।