भवानी ऐसे लड़े जैसे लंका में लड़े हनुमान

पारंपरिक
हनुमान जी भजन दुर्गा भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

भवानी ऐसे लड़े जैसे लंका में लड़े हनुमान

सोने की थाली में भोजन बनाया -2

भवानी ऐसे जेवें जैसे लंका में जेवें हनुमान-2

भवानी ऐसे लड़े...

सोने के गढ़वा गंगाजल पानी-2

भवानी ऐसे पीवें जैसे लंका में पीवें हनुमान-2

भवानी ऐसे लड़े...

पाना पचासी की बीड़ा लगायो-2

भवानी ऐसे रचें जैसे लंका में रचें हनुमान-2

भवानी ऐसे लड़े...

फूला निवारों की सेजा बिछाई-2

भवानी ऐसे सोवें जैसे लंका में सोवें हनुमान-2

भवानी ऐसे लड़े... ।

बोलो शेरां वाली मैया की जय ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।