इन आँखों में सूरत है तेरी भोले

अनुराधा पौडवाल
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

इन आँखों में सूरत है तेरी ,

मन मंदिर में मूरत है तेरी।

होंठों पे नाम है तेरा ,

साँसों में तू है बसा ,

सुन अविनाशी ,सुन कैलाशी ,

सुन गौरी के भोले पिया।

इन आँखों में.....

त्रिनेत्र धारी तू है ,तू नीलकंठ कहलाये ,

पहने सर्प की माला और अंग बभूती लगाये,

पीके भंग प्याले,वर दे डाले ,

ओ गौरी के भोले पिया -2

इन आँखों में.....

तू है सब का दाता,तू है सबका पालनहारा ,

तेरी दया का भगवन ना था ,ना है कोई किनारा ,

धूप कहीं छाया सब तेरी है माया ,

ओ गौरी के भोले पिया -2

इन आँखों में.....

होंठों पे नाम है तेरा ,

साँसों में तू है बसा ,

सुन अविनाशी ,सुन कैलाशी ,

सुन गौरी के भोले पिया।

हर हर महादेव

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।