सब तेरा महादेव मैं तेरा तू मेरा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मैं तेरा तू मेरा ,सब तेरा महादेव -2

चारों दिशा भोले तेरी,

धरती अंबर ये जग तेरा ,

चंदा सूरज भोले तेरे ,

मैं तो बच्चा हूँ तेरा ,

मैं तेरा तू मेरा ,सब तेरा महादेव -2

फूलों की कलियों में तू ,

शहरों की गलियों में तू ,

बस्ती और गाँव की छाँव में तू ,

ऊंचे पर्वत में भी तू ,

बहती नदियों में भी तू ,

सागर की गहराई से गहरा भोले तू ,

तेरे जैसा न कोई देखा यहां,सब देखा तू नहीं।

मैं तेरा तू...... -2

भोले तेरी ये माया ,-2

कोई भी समझ न पाया ,

मुनियों ने तुमको जाना ,

मुनियों ने है पहचाना ,

बरसों से तुम्हे ढूंढ़ता,मैं आया तेरा दीवाना ,

कैसे तुम दोगे दर्शन,मुझको ये बात बताना।

भोले... शम्भू...।

मैं तेरा तू...... -2

हर हर महादेव

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।