शम्भू इक तू ही तू

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शम्भू की मस्ती में मन को डुबाया ,

शम्भू की माया में दिल को लगाया ,

शम्भू की छाया में खुद को बसाया ,

शम्भू को अपना हाथ थमाया ,

शम्भू हर रग में है तू ही तू ,

हर कण में तू ही तू,

जहां भी देखूं हरदम हरपल,दिखता बस तू ही तू।

शम्भू मेरा तू ही तू ,रग रग में तू ही तू.......

सबकी दुआ को सुनता शम्भू ,

हर दर्द का मरहम शम्भू ,

बिखरे को जोड़े शम्भू ,

सुख दुःख का साथी शम्भू ,

है सारे जहां में शम्भू ,

मेरे भी कर भी शम्भू ,

तेरे भी कर भी शम्भू ,

कहीं भी जाऊं कहीं भी देखूं, मिलता बस तू ही तू।

शम्भू मेरा तू.....

मेनें जब से होश संभाला ,

मैं शम्भू शम्भू बोलूं -2

मेरे हाथ में शिव की माला ,

मेरे साथ है डमरू वाला ,

क्यूँ न शिव शम्भू बोलूं-2

है चाँद सितारे शम्भू ,

है डमरू नगाड़े शम्भू ,

है हवा बहारें शम्भू ,

नदियों की धारा शम्भू ,

कुदरत का नज़ारा शम्भू ,

है रूह का सहारा शम्भू ,

है प्यार हमारा शम्भू,

जिस पल कोई काम न आया ,उस पल भी बस तू ही तू।

शम्भू मेरा तू..... ।

हर हर महादेव

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।