रस बरसाने वारी बरसाने वारी

श्री गौरव कृष्ण गोस्वामी जी महाराज
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

रस बरसाने वारी ,बरसाने वारी -2

रस बरसाने वारी ,बरसाने वारी -2

अब सुध लो हमारी बरसाने वारी -2

देदो गोपी प्रेम प्यारी बरसाने वारी। -2

हो रस बरसाने वारी.....

हमारो धन राधा श्री राधा श्री राधा -2

जीवन धन राधा श्री राधा श्री राधा -2

परम धन राधा श्री राधा श्री राधा -2

श्री राधा राधा राधा... 4

अब सुध लो हमारी बरसाने वारी -2

देदो गोपी प्रेम प्यारी बरसाने वारी। -2

हो रस बरसाने वारी..... 2

बोलो वृन्दावन बिहारी लाल की जय।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।