जादू भरी तेरी आँखें जिधर गयी

श्री गौरव कृष्ण गोस्वामी जी महाराज
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जादू भरी तेरी आँखें जिधर गयी ,

घायल करके जिग़र में उतर गयी -3

निरख छटा घनघोर घटा -2

सावनां सी उमड़ गयी ,

घायल करके जिगर में उतर गयी -2

जादू भरी तेरी.....

प्रेम की लरी अरी दृग दोनों,

बरस परी मोती सी बिखर गई -2

जादू भरी तेरी आँखें जिधर गयी ,

घायल करके जिग़र में उतर गयी -3

कि इक कंकड़ी नैन पड़े,तो नैन होत बेचैन,-2

तो उन नैनन में चैन कहां,जिन नैनन में नैन।

जादू भरी तेरी आँखें जिधर गयी ,

घायल करके जिग़र में उतर गयी -3

अब पल पलक टरत नहीं टारे,

छीन छोरत जनु जान निकर गई -2

जादू भरी तेरी आँखें जिधर गयी ,

घायल करके जिग़र में उतर गयी-2

नैन कटारी बारी बारी पलकन मारी -3

जादू की पिटारी जिया छुई मुई कर गयी -2

जादू भरी तेरी आँखें जिधर गयी ,

घायल करके जिग़र में उतर गयी-2

हमें औरन से कछु काम नहीं ,

अब तो जो कलंक लगो सो लगो-2

और रंग दूसरो और चढेगो नहीं ,

क्योंकि ,सखी साँवरो रंग रंगो सो रंगो -4

जादू भरी तेरी आँखें जिधर गयी ,

घायल करके जिग़र में उतर गयी-2

हो......जिगर में उतर गयी।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।