सखी सपने में एक अनोखी

चित्र विचित्र
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सखी सपने में एक अनोखी बात हो गई,

साँवरे से मेरी मुलाकात हो गई,

मैं तो गहरी नींद में सोए रही थी,

उस प्यारे के सपनों में खोए रही थी,

सखी कैसे बताऊँ करामात हो गई,

साँवरे से मेरी.......

धीरे धीरे वो पास मेरे आने लगे,

मुझे बिरहन को दिल से लगाने लगे,

मेरी अखियों से अश्क की बरसात हो गई,

साँवरे से मेरी .......

मैंने सोचा अब अपने मैं दिल की कहूं,

ये जुदाई का दर्द मैं कबतक सहुँ,

यही सोचते ही सोचते प्रभात हो गई,

साँवरे से मेरी .....

अपने साजन की पागल दीवानी हुई,

ऐसी ‘चित्र-विचित्र’ की कहानी हुई,

मिली उसकी झलक ये सौगात हो गई,

साँवरे से मेरी ......

सखी सपने में एक अनोखी बात हो गई.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।