राम दिवाली आज है राम दिवाली

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

राम दिवाली आज है राम दिवाली

चौदह बरस के बाद अयोध्या ,लौटे हैं जगवाली।

अंधियारे पथ हुए उजियारे। बड़े प्रसन्न अयोध्या वारे।।

दुल्हन जैसी सजी अयोध्या ,शोभा बनी निराली -आज है...

दीप करोड़ों जाग रहे हैं। अनहद बाजे बाज रहे हैं।।

हर कोई झूमें नाचे गावे ,हर चेहरे पै लाली -आज है...

जित देखो तित लगा है मेला। राम-भरत मिलन की बेला।।

आनंद के घन बरस रहे हैं ,झूमें डाली डाली-आज है...

‘‘मधुप’’ राम गुण गात खुदाई। राम राज की ध्वज लहिराई।।

घर घर मंगल बजी बधाई ,छाई है खुशिहाली आज है... ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।