राम आ गए (भरत मिलाप)

पारंपरिक
हनुमान जी भजन राम भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

राम आ गए (भरत मिलाप)

धुन:-मेरी झोंपडी दे भाग आज जाग जाणगे।

फुल कलियाँ आकाश विचों बरस रहे ने ,राम आ गए।

राम नाम दे जयकार पये गज्ज रहे ने ,राम आ गए॥

सिया राम लखन बजरंग ने ,बजरंग ने।

सुग्रीव विभीषण संग ने -ओ संग ने॥

वेख वेख पुष्पयान सब नच्च रहे ने।

राम आ गए......

राम भरत दे होए मिलाप ने ,ओ मिलाप ने।

मिटे अवध दे दुःख संताप ने -संताप ने।।

दिन बनवास वाले आज कट्ट गए ने।

राम आ गए......

फल मेवे मिठाई दियां डालीयाँ -ओ डालीयाँ।

हर पासे आज हो रहियाँ दिवालियां -ओ दिवालियां।।

घर गलियां बाज़ार सब सज रहे ने।

राम आ गए......

सब लोक ने खुशियां मना रहे -ओ मना रहे।

गीत स्वागत दे सब आज गा रहे -ओ गा रहे।।

बाजे-गाजे मधुप आज बज रहे ने -राम आ गए।

राम आ गए...... ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।