तेरी मुरली की तान सुहानी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरी मुरली की तान सुहानी ,सुहानी मेरे बांके बिहारी-2

बांके बिहारी - मेरे कुंज बिहारी

तेरी मुरली पर जाऊं बलिहारी ,बलिहारी मेरे बांके बिहारी

तेरी मुरली की.......

नंद दुलारे ओ गोकुल के प्यारे,नख पे कन्हैया गोवर्धन है धारे-3

लीला है तेरी निराली ओ निराली मेरे बांके बिहारी।

तेरी मुरली की.......

मोर पंख तेरे शीश विराजे ,वैजयंती माला गले तेरे साजे-3

सूरत है तेरी प्यारी-ओ प्यारी मेरे बांके बिहारी।

तेरी मुरली की.......

श्याम सलोने तू गैयाँ चराये ,यमुना पै गोपियन के चीर चुराए-3

प्रमोद कश्यप पर कृपा है, भारी ओ भारी मेरे बांके बिहारी।

तेरी मुरली की....... ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।