असां कृष्ण कृष्ण कैहणा है

श्री गौरव कृष्ण गोस्वामी जी महाराज
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

असां कृष्ण कृष्ण कैहणा है ,ओ जब तक रैहणा है।

ओ जब तक रैणा है-2

हो असां कृष्ण कृष्ण कैहणा है ,ओ जब तक रैहणा है। -2

मेरे आगे भी कृष्ण मेरे पीछे भी कृष्ण -2

कृष्ण जिंदगी दा गैहणा है-2 हो जब तक रैहणा है। -2

असां कृष्ण कृष्ण कैहणा है ,ओ जब तक रैणा है।

ओ जब तक रैहणा है-2

असां कृष्ण कृष्ण कैहणा है ,ओ जब तक रैणा है।-2

हो मेरे दुःख में भी कृष्ण ,मेरे सुख में भी कृष्ण

असां दुःख सुख सहना है ,जब तक रैहणा है। -2

हो जब तक रैहणा है। -2

असां कृष्ण कृष्ण कैहणा है ,ओ जब तक रैहणा है।

ओ जब तक रैहणा है-2 ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।