चलो जी चलो माता नैना देवी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

चलो जी चलो मनसा देवी माँ दे दवारे ते,

चलो जी चलो नैना देवी माँ दे दवारे ते,

टेकना है मथा ओहदे भवन प्यारे ते,

चलो जी चलो माता नैना देवी.......

साल पिचों मेला नैना देवी माँ दा आ गया,

बड़े भागा वाला जेहरा दर्शन पा गया,

करी जावे मेहरा दाती मन च पुकारे ते,

चलो जी चलो माता नैना देवी.......

मिनी मिनी भवना ते पेंदी बरसात है,

भगा वालिया नु माँ तो मिलदी सोगात है,

चार्ड दिंडी रंग मैया अपने प्यारे ते,

चलो जी चलो माता नैना देवी.....

भगता दी ओथे जाके आस हुंडी पूरी है,

माता नैना देवी जी दे नैन वड़े नूरी है,

तोड़ दी है दुःख निगहा कर दुखारे ते,

चलो जी चलो माता नैना देवी.....

मंगल गुर्जोत गुण हर वेले गन्दे ने,

ढोल दे ढ़गते सारी संगत नचोंदे ने,

आलम पूरी भेटा लिखे माँ दे इशारे ते,

चलो जी चलो माता नैना देवी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।