इना अखियां दे जाम शाम सानु भी पिलादे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

इना अखियां दा जाम शाम सानु भी पिलादे-2

तेऩू देख देख़ दिल मेरा रजदा नइयों,

थोड़ी होर पिला दे नशा चढ़दा नईयो॥-2

तेरे काले काले बाल उते कुण्डल कमाल-2

तेरे कुण्डल कमाल मैनु करदे निहाल,

तेनु देख देख दिल मेरा रजदा नईयो,

थोड़ी होर पिलादे नशा चढ़दा नईयो।-2

तेरे मोटे मोटे नैन बिच कजरे दी धार -2

तेरी कजरे दी धार मेनू करदी निहाल,

तेनु देख देख दिल मेरा रजदा नइयो,

थोड़ी होर पिलादे नशा चढ़दा नईयो।-2

तेरे गौरे गौरे मुखड़े ते बंसरी कमाल-2

तेरी बंसरी कमाल मैनू करदी निहाल,

तेनु देख देख दिल मेरा रजदा नईयो,

थोड़ी होर पिलादे नशा चढ़दा नईयो।-2

इना अखियां दा जाम शाम सानु भी पिलादे-2

तेनु देख देख दिल मेरा रजदा नईयो,

थोड़ी होर पिलादे नशा चढ़दा नईवो,-2

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।