आज भोले बाबा मिलेंगे सत्संग में

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

आज भोले बाबा मिलेंगे सत्संग में,

आज भोले बाबा मिलेंगे सत्संग में।

मिलेंगे सत्संग में, मिलेंगे सत्संग में,

आज भोले बाबा मिलेंगे सत्संग में।

घर का ताला खुले चाबी से-2

मन का ताला खुले सत्संग में,

आज भोले बाबा मिलेंगे सत्संग में।

घी का दीपक जले मंदिर में-2

मन का दीपक जले सत्संग से,

आज भोले बाबा मिलेंगे सत्संग में।-2

कमल का फूल खिले कीचड़ में-2

मन का फूल खिले सत्संग में,

आज भोले बाबा मिलेंगे सत्संग में।

तन का मैल धुले साबुन से-2

मन का मैल धुले सत्संग में,

आज भोले बाबा मिलेंगे सत्संग में,

मिलेंगे सत्संग में, मिलेंगे सत्संग में,

आज भोले बाबा मिलेंगे सत्संग में।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।