महाकाल की लगन

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मोहे लागी रे लगन महाकाल की लगन

तुम्हारे नाम से किस्मत मेरी सजा लू मैं-2

तुम्हारे चरणों को ही अपना घर बना लू मैं,

मुझे कर गई मगन-2 महाकाल की लगन।

1:– मेरी लगन सहारा बन मुझे संभालेगी ,

मेरी बलाए मेरे दुख लगन ही टालेगी ,

मेरी लगन मेरी भक्ति का ये सिला देगी-2

मेरे महाकाल से मुझको भी ये मिला देगी ,

दे गई दीवानापन -2 महाकाल की लगन।

मोहे लागी रे......

2 :– आता हूं दर तेरे पल भर के लिए ,

थोड़ा अपने लिए थोड़ा घर के लिए ,

अपनी किस्मत पर तेरी नजर के लिए ,

सामने तेरे दुनिया को भूल जाऊ में -2

तेरा हो जाता हु उम्र भर के लिए ,

बदल गया ये जीवन-2 महाकाल की लगन।

मोहे लागी रे......

3:– मैं धूल बनके तेरी राह में बिखर जाऊं ,

मैं फूल बनके तेरी राह में बिखर जाऊं,

रहू मैं पास तेरे भक्ति ऐसी कर जाऊं-2

तेरे चरणों से लगके भोले मैं भी तर जाऊं,

भक्तिमय करे है मन-2 महाकाल की लगन ।

मोहे लागी रे......।

मोहे लागी रे लगन महाकाल की लगन .....।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।