भए प्रकट स्वामी हरीदास

सर्व मोहन (टीनू सिंह)
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज़ :- ब्रज का लोक रसिया ( बधाई )

भए प्रकट स्वामी हरीदास ,श्री ललिता सखी अवतार लियो -2

1 . श्री गंगाधर चित्रा दुलारे -2

स्वामी आसुधीर के शिष्य प्यारे -2

करने को निधिवन वास , श्री ललिता सखी अवतार लियो।

भए प्रकट स्वामी.....

2 . भक्तों के भाग्य जगाने को -2

रास पीने और पिलाने को -2

आये महाभाव रसराज ,श्री ललिता सखी अवतार लियो।

भए प्रकट स्वामी.....

3 . जिस दिन प्रकटी वृषभानु सुता ,

उसी दिन दिखियो हरिदास छटा ,

राधा अष्टमी दिन बड़ो खास , श्री ललिता सखी अवतार लियो।

भए प्रकट स्वामी.....

4 . राजपुर में बधाइयां साज़ बजे ,

वृन्दावन संत समाज सजे ,

छाया मधुप है हर्षोल्लास , श्री ललिता सखी अवतार लियो।

भए प्रकट स्वामी.....।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।