राधा बोली सुनो श्याम मैं , बंशी बजाऊँ आज

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राधा बोली सुनो श्याम मैं , बंशी बजाऊँ आज

बंशी की धुन पे कान्हाँ , तुम्हे मैं नचाऊँ आज,

साँवरिया तुम बंशी रोज बजाते हो

बजाके बंशी मुझको रोज नचाते हो

इस रिवाज को चलो श्याम मैं ,

नया बनाऊँ आज...हाँ कान्हाँ नया बनाऊँ आज

चलो श्याम हम नई रास में रंग जायें

सारी दुनियाँ देख अचम्भित रह जाये

मन करता है अलबेला ,

इतिहास रचाऊँ आज...मैं इतिहास रचाऊँ आज

इतना कह कर राधा बंशी बजा उठी

कहे " रवि " वो साँवरिया को नचा उठी

बंशी बोली राधा तुमपे ,

वारी जाऊँ आज...हे राधे वारी जाऊँ आज

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।