यशोदा चिर जीवे तेरो कन्हैया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

चिर जीवे तेरो कन्हैया 2

यशोदा तेरो चिर जीवे कुंवर कन्हैया

मथुरा में हरि जन्म लियो है 3

गोकुल बजत बधाईयां

यशोदा तेरो चिर जीवे कुंवर कन्हैया

रत्न जड़ित पलना पे पौडत 3

झूलत कुंवर कन्हैया

ओ मईया तेरो चिर जीवे कुंवर कन्हैया

चलो सखी दर्शन कर आवें -3

प्रगटे हैं दाऊ जी के भईया

यशोद तेरो चिर जीवे कुंवर कन्हैया

चन्द्रसखी भज बाल कृष्ण छवि

बार बार बलि जैया

हो मैया तेरो चिर जीवे कुंवर कन्हैया।

नंद के आनन्द भयो

जय कन्हैया लाल की।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।