नमो नमो माँ गंगे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

नमो नमो माँ गंगे,नमो नमो माँ गंगे-2

कर ले जो गंगा में स्नान।-2

पाप कटे होता कल्याण।-2

लगता जब गंगा में गोता , तन शीतल मन पावन होता।-2

पावन मन में उपजे ज्ञान-2

पाप कटे होता कल्याण,

कर ले जो गंगा में स्नान।-2

जीते जी मां अमृत देती , मरन पे अपनी गोद में लेती। -2

पतित पावनी मात महान-2

पाप कटे होता कल्याण,

कर ले जो गंगा में स्नान।-2

ये अपराध क्षमा हो माते , पावन जल को पाँव लगाते। -3

तू ममता मयी हम नादान-2

पाप कटे होता कल्याण,

कर ले जो गंगा में स्नान।-2

कर ले जो गंगा में स्नान , पाप कटे होता कल्याण।-2

नमो नमो माँ गंगे,नमो नमो माँ गंगे-2

नमो नमो माँ गंगे,नमो नमो माँ गंगे । -2

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।