भरोसा कर ले जरा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज :- चिट्ठी ना कोई संदेश

( भरोसा कर ले जरा )

स्थाई - ये जग तो गिराएगा तुझे वो ही उठाएगा-2

भरोसा कर ले जरा -4

ये जग तो रुलाएगा , तुझे वो ही हंसाएगा ,

भरोसा कर ले जरा-2

अंतरा -1 इंसान मुखौटा है पल पल में ये बदले,

क्यों आस लगाता है सब मतलब के पगले,

तेरे सारे रिश्तों को , वो खूब निभाएगा ।

भरोसा कर ले जरा-2

2. तेरे लाख हो अच्छे कर्म, पर बुरा ही गाएंगे,

तुझे छोड़ भंवर अपने, फिर लौट ना आएंगे,

तेरी बीच भवर नैया ,भव पार कर आएगा।

भरोसा कर ले जरा-2

3. गहरे हैं जख्म तेरे भले खुद से छुपा लेना

बिन बोले सुनता है बस शीश झुका देना

कहे राधिका सांवरिया कर के ना जताएगा।

भरोसा कर ले जरा-2

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।