ओ राधा रानी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तुझ बिन सूनी है ज़िंदगानी-2

ओ राधा रानी ओ राधा रानी-2

दिल में बसा है बस नाम तेरा,तेरे सिवा कोई और न मेरा-2

जैसे मछली है बिन पानी-2

ओ राधा रानी ओ राधा रानी-2

हर ज़र्रे में तुझको पाया,तेरे सिवा कोई और न भाया-2

दुनिया भी मुझको लगती बेगानी-2

ओ राधा रानी ओ राधा रानी-2

छूटे कभी न दामन तुम्हारा,जनम जनम का नाता हमारा-2

तुझसे जुड़ी मेरी प्रीत पुरानी-2

ओ राधा रानी ओ राधा रानी-2

राधे श्याम श्याम श्याम राधे श्याम श्याम श्याम।

राधे श्याम श्याम श्याम राधे श्याम॥-3

राधे श्याम श्याम श्याम राधे श्याम श्याम श्याम।

राधे श्याम श्याम श्याम राधे श्याम॥-3

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।