बांके बिहारी जी दूर करो दु:ख मेरा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बांके बिहारी रे दूर करो दुख मेरा-2

दूर करो दुख मेरा, बिहारी जी,

श्री बांके बिहारी रे दूर करो दुख मेरा ॥

सुना है जो तेरे दर पे आए,उसके सब दुखड़े मिट जाए-2

आया शरण तिहारी रे-2 अब दूर करो दुख मेरा।

श्री बांके बिहारी.....2

जनम जनम का मैं हूँ भटका ,बेड़ा आज भवर में अटका-2

पार करो बनवारी रे-2 अब दूर करो दुख मेरा।

श्री बांके बिहारी....2

शबरी अहिल्या गणिका नारी,सब ही तुमने पार उतारी-2

आयी मेरी बारी रे-2,अब दूर करो दुख मेरा।

श्री बांके बिहारी....2

मोर मुकुट पीताम्बर धारी,संग में हो श्री राधा प्यारी-2

मेरे गिरवर धारी रे-2,अब दूर करो दुख मेरा।

श्री बांके बिहारी....2

बांके बिहारी रे दूर करो दुख मेरा,

दूर करो दुख मेरा, बिहारी जी,

श्री बांके बिहारी रे दूर करो दुख मेरा ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।