महाकाल की शादी है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

आज महाकाल की शादी है-2 ,

गौरी मैया बनी दुल्हनिया ,

सजे बाराती हैं ,

आज महाकाल की शादी है।-2

दिन है खूबसूरत, बड़ा शुभ लग्न मुहूर्त,

देखो क्या जब सजे हैं,

भोले के सारे भगत-2,

खुशी से झूमें हैं सब,मिला गौरी को शंकर,

कैसे संजोग मिले हैं ,गौरी को मिल गया भोला,हो हो हो.......

मैया गौरी से मेरे भोले नाथ की शादी है;

आज महाकाल की शादी है।-2

डमा – डम डमरू बाजे,

भोले के साथी नाचे;

गगन से फूल बरसे, चांद दर्शन को आए -2

सारे देवता मिलकर के, भोले बाबा को सजाये,

भोला नंदी पर चढ़ के, गौरी को लेने आए,हो हो हो....

मां हरसिद्धि से मेरे महाकाल की शादी है,

आज महाकाल की शादी है।-2

श्लोक – अकाल मृत्यु वह मरे जो कर्म करे चांडाल का काल उसका क्या करे जो भक्त हो महाकाल का जो भक्त हो महाकाल का जो भक्त हो महाकाल।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।