चलो रे खाटू की नगरी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

चलो रे खाटू की नगरी ,जहां पे रहता बाबा श्याम है-2

हारे का सहारा है वो ,हारे का सहारा है वो,

जग में उसका नाम है,

चलो रे खाटू की नगरी ,

जहां पे रहता बाबा श्याम है.....

सुंदर मुखड़ा श्यामा का, बड़ा ही प्यारा लगता है,

सारी दुनिया फीकी लागे, जब मेरा बाबा सजता है,

दिल से पुकारे श्याम को जो-2,बनाता उसके काम है।

चलो रे खाटू की.....

सेठों का सेठ है ये , लखदातार कहलाता है,

शीश का दानी बाबा मेरा , बिगड़ी बात बनाता है ,

अंदाज है बाबा का निराला ,इसकी क्या ही बात है,

चलो रे खाटू की.....

कृष्णा खन्ना ने गुण गाके , बाबा को रिझाया है

है लाडला खाटू वाले का , भजन रजत से लिखवाया है

जिसे हारे का सहारा कहते ,वो मेरा बाबा श्याम है,

चलो रे खाटू की.....

चलो रे खाटू की नगरी ,

जहां पे रहता बाबा श्याम है

हारे का सहारा है वो-2

जग में उसका नाम है

चलो रे खाटू की नगरी ,

जहां पे रहता बाबा श्याम है.....।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।