दर्शन दिखा दो मुझे माँ शेरोंवाली

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हाथ में त्रिशूल और शेर की सवारी-2

दुखियों के दुःख पाप को हरने वाली-2

दर्शन दिखा दो मुझे माँ शेरोंवाली।

करुणामयी और ममतामयी हो-2

करती दया है तू दयामयी हो-2

चण्डी का रूप धारण करने वाली-2

दर्शन दिखा दो......

मंझधार में फंस गई मेरी नैया-2

निकलती नहीं निकालो मेरी मैया-2

बनाती है बिगड़ी तू माँ भद्रकाली।

दर्शन दिखा दो......

नहीं कोई शोहरत ना शख्सियत है मेरी-2

चमका दे जिंदगी खूब हैसियत है तेरी-2

लाखों करोड़ों भक्तों के जीवन बदलने वाली-2

दुखियों के दुःख पाप को हरने वाली-2

दर्शन दिखा दो मुझे माँ शेरोंवाली।

दर्शन दिखा दो मुझे माँ शेरोंवाली।-2

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।