अपना मुझे बनालो हे करुणामयी किशोरी

सर्व मोहन (टीनू सिंह)
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अपना मुझे बनालो हे करुणामयी किशोरी -2

मुझे बरसाने बसालो हे करुणामयी किशोरी -2

अपना मुझे बनालो हे.....

2 . तेरी लगन में मगन हूँ करता तेरा भजन हूँ -2

निज धाम में बुलालो हे करुणामयी किशोरी -2

अपना मुझे बनालो हे.....

3 . ऊंची अट्टारी वारी वृषभानु की दुलारी -2

चाकर मुझे बनालो हे करुणामयी किशोरी -2

अपना मुझे बनालो हे.....

4 . ब्रज स्वामिनी श्री राधा हरलो ये भव की बाधा -2

मुझ दीन को सम्भालो हे करुणामयी किशोरी-2

अपना मुझे बनालो हे.....

5 . दर दर ‘‘मधुप’’ है भटका चरणों में तेरे अटका -2

मुझे चरणों से लगालो हे करुणामयी किशोरी -2

अपना मुझे बनालो हे.....

मुझे बरसाने बसालो हे करुणामयी किशोरी -2

बोलो बरसाने वारी की जय।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।