मैया झोली भर दे यो सेवक दर पे आया है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैया झोली भर दे यो सेवक दर पे आया है

तेरे भक्तों ने तेरे द्वार का पता बताया है

मैया झोली भर दे यो सेवक दर पे आया है

1 ) महिमा तेरी बहुत सुनी मां मैं हूं तेरा सवाली

पास नहीं कुछ भेंट मेरे लाया झोली खाली

शेरावाली तेरे दर पे अलख जगाया है

मैया झोली भर दे यो सेवक दर पे आया है

2 ) आदिशक्ति जगदंबा तेरी जय हो मात भवानी

मेरा भी कल्याण करो तने कहते सब कल्याणी

खाली न जाऊंगा दर से शीश झुकाया है

मैया झोली भर दे यो सेवक दर पे आया है

3 ) भूलन त्यागी बालक तेरा हाथ शीश पर धरदे

जैसे सबके करती मेरे बारे न्यारे करदे

हरीश मगन का दामन भर दे तू महामाया है

मैया झोली भर दे यो सेवक दर पे आया है

मैया झोली भर दे यो सेवक दर पे आया है

तेरे भक्तों ने तेरे द्वार का पता बताया है

मैया झोली भर दे यो सेवक दर पे आया है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।