खड़े हैं दर पे दर्शन को चरण शिवजी के छूने को

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

खड़े हैं दर पे दर्शन को,

चरण शिवजी के छूने को,

कगार मैं जल चढ़ाती हूँ तो वो मछली का झूठा है,

ईसीलिये पैर नहीं पडते तेरे मंदिर में आने को,

खडे है दर पे दर्शन को,

चरण शिवजी के छूने को........

कगार में फूल चढ़ाती हूँ तो वो भँवरे का झूठा है,

ईसीलिये पैर नहीं पडते तेरे मंदिर में आने को,

खडे है दर पे दर्शन को,

चरण शिवजी के छूने को........

कगार में दिल चढ़ाती हूँ तो वो पापों का झूठा है,

अगर में फूल चढ़ाती हूँ तो वो भँवरे का झूठा है,

ईसीलिये पैर नहीं पडते तेरे मंदिर में आने को,

खडे है दर पे दर्शन को,

चरण शिवजी के छूने को......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।