माँ दुर्गा क्षमा याचना पाठ स्तुति

पारंपरिक
माता दुर्गा मंत्र दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

माँ दुर्गा क्षमा याचना पाठ स्तुति

स्तुति पूजा पाठ कथा कीर्तन ,अरदास मेरी स्वीकार करो -२

भाषा छन्द शब्द की भूल मेरी-२ ,अपराध क्षमा सरकार करो -२

स्तुति पूजा .....

मंत्र यंत्र का ज्ञाता नहीं -२ आवाहन विसर्जन आता नहीं -२

क्या भेंट धरूँ धन पास नहीं -२ मंजूर मेरे उदगार करो -२

स्तुति पूजा ...

तेरे नाम धाम कई रूप वर्ण -२ मैं तो जानूं माँ अनुसरन शरण -२

करुणा-सिंधु कल्याणी अम्बे ,-२ जननी जन का उधार करो -२

स्तुति पूजा ...

हूँ नीच अधम अपना लो मुझे -२ अपने आँचल में छुपा लो मुझे -२

उलझा हूँ जगत की उलझन में ,-२ मेरा बड़ा भंवर से पार करो -२

स्तुति पूजा ...

है पुत्र कुपुत्र हो जाता कहीं -२ होती पर माता कुमाता नहीं -२

भूला बिसरा मैं बालक हूँ ,-२ मेरे मन मंदिर उजियार करो -२

स्तुति पूजा ...

यह दास 'मधुप'की चाह माता -२ रहे जन्म तुम संग नाता -२

हो होंठों पे हरदम नाम तेरा ,-२ इतना मुझ पर उपकार करो -२

स्तुति पूजा पाठ कथा कीर्तन ,अरदास मेरी स्वीकार करो।

भाषा छन्द शब्द की भूल मेरी-२ ,अपराध क्षमा सरकार करो -२

स्तुति पूजा पाठ कथा कीर्तन ,अरदास मेरी स्वीकार करो।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।