नौं नराते तेरे गावां

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

नौं नराते तेरे गावां

मंदिर विच मात नराते तेरे गावां -२

नरातेयां वाली मात नराते तेरे गावां

नरातेयाँ वाली नौं नराते तेरे गावां

खेतरी बीजां जोत जगावां-२

पेंट चढ़ावां नाले पेटां गावां-२

चरणी शीश निवावां मैं वारे जावां-२

नौं नराते तेरे गावां....

सुंदर आसन सुंदर सिंघासन-२

सुंदर सेज बिछावां मैं वारे जावां-२

नौं नराते तेरे गावां.....

सूहा चोला तेरा दर्ज़ी सियूं लावे

रंग ललारी तो रंगावां मैं वारे जावां

नौ नराते तेरे गावां....

पनिहारन गंगा जल पर ल्यावे

इशनान मैया नूं करावां मैं वारे जावां-२

नौ नराते तेरे गावां....

सर्व सोनें दियां सुइयां मंगावां

धागे रेशम दे मैं पावां मैं वारे जावां-२

नौ नराते तेरे गावां....

मालिन सोहणा सेहरा गुंद लेआवे

सेहरा मैया दे गल पावां मैं वारे जावां-२

नौ नराते तेरे गावां....

ब्राह्मण चंदन दा तिलक ले आवे

तिलक मैया नूं मैं लावां मैं वारे जावां-२

नौ नराते तेरे गावां....

गांधी लियावे पर इतरां दी शीशी

इत्र मैया नूं लगावां मैं वारे जावां-२

नौ नराते तेरे गावां....

पानां दा बीड़ा पनवाड़ी लेआवे

पान मैया दे मुख लावां मैं वारे जावां-२

नौ नराते तेरे गावां....

सोन्यार सोनें दे भूषण ले आवे

भूषण मैया दे गल पावां मैं वारे जावां-२

नौ नराते तेरे गावां....

तरखान चंदन हिंडोला लियावे

झूला मैया नूं झुलावां मैं वारे जावां-२

नौ नराते तेरे गावां....

वजन बाजे डफ टोल नगाड़े

मृदंग छेने मैं बजावाँ मैं वारे जावां-२

नौ नराते तेरे गावां....

दास 'मधुप' तेरा गुणगान गावे-२

त्यानु दी जय जय बुलावां मैं वारे जावां-२

नौ नराते तेरे गावां....

माँ शेरां वाली नौं नराते तेरे गावां-३।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।