बाजी बरसाने डफ बाजी रे

सर्व मोहन (टीनू सिंह)
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बाजी बरसाने डफ बजी रे ,होरी आयी रे...

हाँ होरी आयी रेरेरे... - २

बाजी बरसाने डफ बाजी रे होरी आयी रे

आयी बसंत बहार है आयी,

ऊंची अट्टारी बजी शहनाई,

सखियों संग -२ राधा नाची रे ,होरी आयी रे

बजी बरसाने डफ....

ढोल नगाड़े बाज रहे हैं,

होरी जयकारे गाज रहे हैं ,

हर गोपी -२ हर गोपी लट्ठ से साजी रे,होरी आयी रे

बाजी बरसाने डफ....

साज रहे हैं समाज होरी के ,

गाज रहे हैं धमार होरी के ,

रसिकों से -२ रसिकों से महफ़िल साजी रे,होरी आयी रे

बाजी बरसाने डफ....

चलो 'मधुप' हरी होरी मनावें,

युगल हरी का दर्शन पावें,

फागुन की-२ फागुन की रंगीली रुत्त लागी रे,होरी आयी रे

बाजी बरसाने डफ....

हाँ होरी आयी रे ,हो होरी आयी रे-२

बाजी बरसाने डफ बाजी रे,होरी आयी रेरेरे ..।

बाजी बरसाने डफ बाजी रे,होरी आयी रे-२ fast (चौगुन)

हाँ होरी आयी रे ,

अम्बे होरी आयी रे ,

हो होरी आयी है ...

बरसाने में ,होरी है -२

वृन्दावन में ,होरी है -२

नंदगाँव में ,होरी है -२

गोवर्धन में ,होरी है -२

कुञ्ज गलिन में ,होरी है-२

वृन्दावन में ,होरी है -२

होरी है -२

हो,हो,हो,हो होरी है -३

बोलो होरी के रसिया की जय।

जय हो....।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।