इश्क दा रोग लगा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खाटू वाले बाबा तेरे पीछे पीछे आनियाँ,

अपना बना ले तेनु तर ले मैं पानिया,

इश्क का रोग लगा तेनु समजानी आ,

श्याम बाबा .........

घर आंगन ओ चोंक सजाया तरह तरह का भोग लगाया,

मैं तो कर आई सोला शिंगार,

इश्क का रोग लगा तेनु समजानी आ,

श्याम बाबा .........

मैं तो हो गई प्रेम दीवानी श्याम से मेरी प्रीत पुराणी,

मैंने छोड़ दिया घरवार श्याम बाबा,

इश्क का रोग लगा तेनु समजानी आ,

श्याम बाबा .........

मैं तो श्याम के संग रहू गी सुख दुःख की सब बाते कहू गई,

आज जी भर करू करू दीदार श्याम बाबा,

इश्क दा रोग लगा तेनु समजानी आ,

श्याम बाबा .........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।