मात पिता गुणगान कीजै

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन विविध भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

( धुनः जै जै राधा रमण हरी बोल )

वेद भगवान की, मान लीजै |

मात पिता का गुणगान कीजै ||

मात पिता जन्म के है दाता |

जग में सबसे उत्तम इनका नाता |

इनके चरणों में नित वंदन कीजै -माता पिता ....

पालन बच्चों का माँ बाप करते हैं |

ध्यान उनका वे सदा रखते |

तन मन धन इन पै कुर्बान कीजै - माता पिता ....

मात पिता सा न कोई दूजा |

भगत बनकर करनी इनकी पूजा है |

दर्जा भगवान का इनको दीजै - माता पिता। ....

माता पिता प्रथम सतगुरु हैं |

शिक्षा देते "मधुप" उमर भर हैं |

जीवन भर इनका सम्मान कीजै - माता पिता। ....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।