करले तू सुमिरन हरी नाम का

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन विविध भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कर ले तू सुमिरन

(तर्ज़:– कोई जब तुम्हारा हृदय तोड़ दे)

कर ले तू सुमिरन हरी नाम का

ये मोती है एक एक तेरे काम का

गया जो समय वो ना फिर आएगा,

हरी नाम ही तेरे काम आये कर ले, भजन राम का ।।

करले तू सुमिरन हरी नाम का....

हरी नाम की ऐसी महिमा महान

की विष को भी कर दे ये अमृत समान,

जिसे पी के मीरा के बच गए थे प्राण

कान्हा को भजती थी वो सुबहो शाम,

ना राणा रहा फिर किसी नाम का

ये मोती है एक एक तेरे काम का

गया जो समय वो ना फिर आएगा,

हरी नाम ही तेरे काम आये कर ले, भजन राम का ।।

करले तू सुमिरन हरी नाम का....

ये गाड़ी ये बंगला जमीन और कार

हरी नाम के आगे सारे बेकार

ये रिश्ते ये नाते ये अपनों का प्यार

तेरे जीने तक का है सारा संसार

अपनों के हाथों ही जल जायेगा

हरी नाम ही तेरे संग जायेगा

गया जो समय वो ना फिर आएगा,

हरी नाम ही तेरे काम आये कर ले, भजन राम का ।।

कर ले तू सुमिरन हरी नाम का

ये मोती है एक एक तेरे काम का

गया जो समय वो ना फिर आएगा,

हरी नाम ही तेरे काम आये कर ले, भजन राम का ।। भजन राम का, भजन राम का, भजन राम का ।।।

लिरिक्स & अपलोडर प्रदीप गौर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।