लगन तुमसे लगा बैठे, जो होगा देखा जाएगा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

लगन तुमसे लगा बैठे, जो होगा देखा जाएगा ।

जो होगा देखा जाएगा, जो होगा देखा जाएगा ।

जो होगा देखा जाएगा...

तुम्हें अपना बना बैठे, जो होगा देखा जाएगा...

लगन तुमसे, लगा बैठे...

मैं था भटका हुआ राही, मुझे मंज़िल मिली तुमसे ।

मुझे मंज़िल मिली तुमसे...

कि अब दुःख को भुला बैठे, जो होगा देखा जायेगा...

लगन तुमसे, लगा बैठे...

सरकार आ गए हैं, मेरे गरीबखाने में ।

आया है दिल को सुकूंन, उनके करीब आने में।

मुद्दत से प्यासी अख्खियों को, मिला आज वो सागर ।

भटका था, जिसको पाने की खातिर, इस ज़माने में ।

जी भी आया शरण तेरी, भटकने ना दिया तुमने ।

भटकने ना दिया तुमने...

तुम्हे सब कुछ बना बैठे, जो होगा देखा जायेगा...

लगन तुमसे, लगा बैठे...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।