कोई जाए जो वृन्दावन मेरा पैगाम ले जाना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कोई जाए जो वृन्दावन, मेरा पैगाम ले जाना

मैं खुद तो आ नहीं सकता, मेरा प्रणाम ले जाना

यह कहना मुरली वाले से, तुम अब कब बुलाओगे

पड़े जो जाल माया के, उन्हें तुम कब छुड़ाओगे

मेरा जो हाल पूछें तो मेरे आंसू बता देना

कोई जाए जो वृन्दावन....

जो रातें जाग कर देखे, मेरे सब ख्वाब ले जाना

मेरे आंसू तड़प मेरी, मेरे सब भाव ले जाना

ना ले जाओ अगर मुझको मेरा सामन ले जाना

कोई जाए जो वृन्दावन....

जब उनके सामने जाओ, तो उनको देखते रहना

मेरा जो हाल पूछे तो जुबां से कुछ नहीं कहना

बहा देना कुछ एक आंसू मेरी पहचान ले जाना

कोई जाए जो वृन्दावन....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।