तेरे चूहे ने करे हे कमाल गणेश तेरे चूहे ने

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

तेरे चूहे ने कर है कमल गणेश तेरे चूहे ने

चावल भी खाया मेरा आटा भी खायो

मेरी खाई चने की दाल गणेश तेरे चूहे ने

तेरे चूहे ने करी है कमल गणेश तेरे चूल्हे ने

आलू भी खाई मेरी गोभी खाई

मेरे खाए टमाटर लाल गणेश तेरे चूहे ने

तेरे चूहे ने करी है कमल गणेश तेरी चूहे ने

केले भी खाए मेरे आम भी खाए

और खाए लाल अनार गणेश तेरे चूहे ने

तेरे चूहे ने करे कमाल गणेश तेरे चूहे ने

लड्डू भी खाएं मेरी बर्फी भी खाई

मेरे खाए पेडे दानेदार गणेश तेरे चूहे ने

तेरे चूहे ने करें कमल गणेश तेरे चूहे ने

जब मंदिर में जोत जगाएं

मेरा खाया सरा प्रसाद गणेश तेरे चूहे ने

तेरे चूहे ने करें कमाल गणेश तेरे चूहे ने

जब चूहे तेरे दर्शन होवे

तूने कर दिया मालामाल गणेश तेरे चूहे ने

तेरे चूहे ने करे कमाल गणेश तेरे चूहे ने

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।