आज है राधा अष्टमी आई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

(संकीर्तन धुन पर)

आज है राधा अष्टमी आई,

बरसाने में जगह जगह पर, देवें रसिक दिखाई।।

बजे ढोल डफ बीण सारंगी,बाज रही शहिनाई।

रावल प्रक्टी कमल किशोरी,घर घर बजे बधाई।।

आज है राधा...

उंची महल अटारी भानुं, ब्रह्मांचल बनवाई।

बाजों गाजों के संग राधा, महल अटारी आई।।

आज है राधा...

कहै “मधुप” हरि-संगिनी राधा, गोलोक से आई।

संत भगत जन नाचें गावें, मंगल गीत बधाई।।

आज है राधा...

ब्रज के कण कण,ब्रजरज,ब्रजरस,राधा आन समाई।

ब्रज में राधा राधा नाम धुन, देवे गूंज सुनाई।।

आज है राधा...

(सर्वाधिकार लेखक आधीन सुरक्षित। भजन में अदला बदली या शब्दों से छेड़-छाड़ करना सख्त वर्जित है)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।