है महिमा अपरम्पार लीन्हों कृष्ण प्रेम अवतार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

है महिमा अपरम्पार, लीन्हों कृष्ण प्रेम अवतार।

लीन्हों कृष्ण प्रेम अवतार, दीन्हों सब भक्तन को प्यार।।

1- भांदव की अष्टमी है, काली आधी रात है।

बादल गरज रहें हैं होती बरसात है।।

यमुना करती चरन पखार, मैं तो धन्य हुई सरकार ।।

2- देवकी वसुदेव के जाए, नंद यशोदा लाल कहाए।

गोपिन संग रास रचाने ,गोकुल में कान्हा आए।।

करता दर्शन यह संसार, किरपा कर दो मदन मुरार।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।