आयेगा खाटूवाला

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आयेगा आयेगा आयेगा आयेगा खाटूवाला आयेगा आयेगा,

नरसी ने सोचो प्यारो की कौन सी भगती,

कुछ गीत प्यार के थे और भावना थी सची,

सब कुछ ही खो दिया विश्वास खो न पाया,

जब बी पड़ी जरूत यही गीत उस ने गया,

आयेगा आयेगा आयेगा आयेगा.......

मीरा को सारे जग ने कितना रुलाया कोसा,

आये गा मेरा गिरधर उसको था ये बरोसा,

जब दरोपती ने खुद को बेबस सबा में पाया,

खुद को किया समपर्ण यही गीत उसने गाया,

आयेगा आयेगा आयेगा.......

रजनी किया है जिसने विशवाश संवारे का,

उसको हुआ हर पल एह्सा संवारे का,

उस प्रेमी ने कभी भी तनहा न खुद को पाया,

दिल से इसे पुकारा और श्याम दोरहा चला आया,

आयेगा आयेगा आयेगा आयेगा......

सोचो तो इसके दर से हमने क्या खास पाया,

जो अब तलक न टुटा विशवाश वो कमाया,

सोनू का मुश्किलों में रस्ता नजर ना आता,

विशवास से भरा दिल यही गीत गुण गनाता

आयेगा आयेगा आयेगा ...........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।