हृदय साफ किया ना तुमने राम कहां से पाओगे

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

हृदय साफ किया ना अपना,

राम कहां से पाओगे।।

तन को धोया मल मल तूने

साबुन लाख लगाये रे

मन मंदिर को धोया नाहीं,

कैसे प्रभु को पाओगे.

राम कहां से पाओगे।

नाना इतर लगाया तूने,

तन को खूब सजाया रे,

मन को तूने किया ना सुंदर ,

कैसे उसे लुभाओगे।

राम कहां से पओगे ।

रत्न आभूषण तन पर डारे

खुद के गुण नित गाए रे,

राजेंद्र मुख से फिर उस प्रभु के

तुम क्या गीत सुनाओगे

राम कहां से पाओगे।

गीतकार /गायक राजेंद्र प्रसाद सोनी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।