उज्जैन का राजा महाकाल राजा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

उज्जैन का राजा महाकाल राजा

बजता हे डमरू तो सजता हे राजा

उज्जैन का राजा महाकाल राजा ..............

1 भस्म लगाए गले सर्प माला

शीश गंगा गिराये , बागम्बर धारा

कालो का काल महाकाल राजा ..उज्जैन का राजा महाकाल राजा ............

2 शिव भोला मेरा औघड़ वाला

जो सबके मन की हर एक बात माना

दिन दयाला डमरू वाला , .....उज्जैन का राजा महाकाल राजा

३ न कोई राजा आया , न कोई दुहला

घोड़े चढ़ा जाये ना कोई सूरा

राजा यही हे दुहला यही हे .......उज्जैन का राजा महाकाल राजा

भजन थारा गाऊ महाकाल राजा

देना सहारा में आज पुकारा

धरम कहे बाबा जल्दी बुलाना

उज्जैन का राजा महाकाल राजा ......

भजन गायक और लेखक धर्मेंद्र तंवर उदयपुर

मोबाइल . 9829202569,7976835731

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।