जुआं हस्तिनापुर में खेल रहे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जुआं हस्तिनापुर में खेल रहे

कुंती के पांचों बेटे

पहली चाल चली शकुनि ने ,

वो तो बाग बगीचा हारे

कुंती के पांचों बेटे

जुआं हस्तिनापुर में.....

दूजी चाल चली शकुनि ने

वो तो ताल तलैया हारे

कुंती के पांचों बेटे

जुआं हस्तिनापुर में...

तीजी चाल चली शकुनि ने

वो तो कुआं जगतिया हारे

कुंती के पांचों बेटे

जुआं हस्तिनापुर में...

चौथी चाल चली शकुनि ने

वो तो महल अटारी हारे

कुंती के पांचों बेटे

जुआं हस्तिनापुर में....

पांचवी चाल चली शकुनि ने

वो तो नार द्रोपदी हारे

कुंती के पांचों बेटे

जुआं हस्तिनापुर में...

छठवीं चाल चली कान्हा ने

द्रोपदी का चीर बढ़ाया

कुंती के पांचों बेटे

जुआं हस्तिनापुर में...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।