मईया मटकी फोड़ दी मेरी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

री मैया कान्हा ने समझा ले , मटकी फोड़ दी मेरी.............2

मटकी फोड़ दी मेरी , मटकी तोड़ दी मेरी.............2

यशोदा कान्हा ने समझा ले , मटकी फोड़ दी मेरी........2

1 ) मैं तो पनिया भरन जब जाऊँ , मेरे पीछे-पीछे आवे.........2

फिर अपनी गुलेल से कान्हा , मटकी पे निशाना लगावे...........2

मटकी पे निशाना लगावे , करता माखन की चोरी

यशोदा कान्हा ने समझा ले , मटकी फोड़ दी मेरी........2

2 ) श्याम मुरली मधुर बजाए ,जब गईया चरावे जाए.............2

जमुना के किनारे कन्हैया , राधा संग रास रचावे..........2

राधा संग रास रचावे कान्हा , करता बरजोरी

यशोदा कान्हा ने समझा ले , मटकी फोड़ दी मेरी........2

3 ) मेरे गिरधर मोहन प्यारे , बेबी लिखे भजन तुम्हारे...........2

जिया भी भजन सुनाए , और तेरी राह निहारे.........2

और तेरी राह निहारे , दिल मेरा करता जो चोरी

यशोदा कान्हा ने समझा ले , मटकी फोड़ दी मेरी........2

मटकी फोड़ दी मेरी , मटकी तोड़ दी मेरी.............2

यशोदा कान्हा ने समझा ले , मटकी फोड़ दी मेरी........2

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।